Saturday, August 30, 2025
राजनीति

कृषि विभाग की अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के जांच और स्थलीय सत्यापन की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

बस्ती :- (मार्तण्ड प्रभात) कृषि विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2016-20 तक कस्टम हायरिंग सेंटर व फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना की गयी थी। इसके लिए खरीदे गए कृषि यंत्रों और फर्मों के स्थलीय सत्यापन की मांग करते हुए शिकायतीपत्र कृषि निदेशक को दिया गया।जिसपर सन्तोष जनक कार्यवाही नहीं होने पर सभासद अतुल सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर कार्यवाही की मांग की।

आपको बता दे की इस विषय पर भाजपा किसान मोर्चा के नेता चंद्रेश प्रताप सिंह ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कार्यवाही की मांग की यही लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला ।

 उन्होंने आरोप लगते हुए कहा कि अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है हमारी मांग है कि कृषि विभाग में किन फर्मो दुकानों, से कृषि यंत्र की खरीद की गयी, क्या वह सभी फर्म मानक पूरा करते है, जी एसटी. जमा करते है और जिन किसानों को अनुदान दिया गया है इसका स्थलीय सत्यापन निरीक्षण कराया जाय।

कृषि विभाग में वर्मी कम्पोस्ट पिट निर्मित किसानों के अनुदान का स्थलीय सत्यापन किया जाए वर्तमान समय में कितने वर्मी कम्पोस्ट संचालित है, कितने यर्मी कम्पोस्ट बने है या नहीं बने है। स्थलीय सत्यापन कराया जाय।

खलिहान पक्‍्कीकरण योजना के अन्तर्गत कितने खलिहानों का पककरीकरण कराया गया। इनका भी स्थलीय सत्यापन कराया जाय|

वित्तीय बर्ई 2070 में फार्म, मशीनरी व कस्टम हायरिंग सेंटर के टोकन काटने की प्रक्रिया में कृषि विभाग की साइड बंद रही, लेकिन किन लोगो द्वारा साइड हैक कर हैकरों ने फर्जी तरीके से किसानों का नाम साइड पर अपलोड कर दिया जिससे जरूरतमंद किसान लाभ से वंचित एह गये।

जितने किसानो का रजिस्ट्रेशन हुआ उनका जॉध कराकर दोषी मिलने पर एफ.आई आर, दर्ज करायी जाय, व लाभान्वित किसानों का नाम ट्रैक्टर का रजिस्ट्रेशन नंबर, तहसीलवार व ब्लाकवार प्रकाश में लाया जाय।

आपको बता दे की कृषि विभाग की योजना के प्रचार प्रसार के लिए गुपचुप तरीके से नियुक्त हुए थी इस पर भी प्रश्न चिन्ह लगते हुए फ्रेस नियुक्ति पारदर्शिता के साथ करने की मांग की गई है।

उन्होंने कहा कि उचित कार्यवाही ना होने पर आगे की योजना पर विचार किया जाएगा।