ग्राम प्रधान ने रखा अपना पक्ष कहा झूठा है वायरल वीडियो, निजी हित साधने के लिए बदनाम करने की कोशिश है – ग्राम प्रधान प्रतीनिधि

बस्ती :-(मार्तण्ड प्रभात) बहादुरपुर विकास खण्ड के ग्राम पंचायत निरंजपुर की ग्राम प्रधान सुशीला ने वायरल कथित वीडियो और खबर को बेबुनियाद और झूठा बताया।
आपको बताते चले की एक खबर वायरल हुई थी जिसमे प्रधान पर एक चकरोड में मनरेगा श्रमिकों की जगह मशीन से काम करवाने का आरोप लगाया गया था।
मीडिया से हुई बातचीत के दौरान प्रधान प्रतिनिधि ने अपना पक्ष रखते हुए खबर,वीडियो को एक पक्षीय बताते हुए भ्रामक और झूठा बताया।
उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर कहा है कि चक रोड पटाये जाने का कार्य मनरेगा श्रमिकों से कराया गया है, कुछ लोगों ने विरोध में साजिश करके निकट के खेत में चल रहे लोडर मशीन का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।
ग्राम प्रधान सुशीला ने कहा है कि निरंजपुर निवासी राधेश्याम, पेशकार, राघवराम, इन्द्रजीत आदि नहीं चाहते कि चकरोड़ बने, उन्होने आसपास के जमीनों पर अवैध कब्जा भी कर रखा है। पैमाइश के समय में भी उक्त लोगों ने विरोध किया।
इन लोगोें ने काली जी के स्थान, चारागाह, खेल के मैदान, खलिहान सहित लगभग 15 बीघा जमीन पर वर्षो से अवैध कब्जा कर रखा है, विरोध करने पर तरह-तरह का षड़यंत्र करते हैं। वायरल वीडियो से सत्यता का कोई सम्बन्ध नही है।
मौके पर उपस्थित गांव वालो ने भी इस बात की पुष्टि संवाददाता से करते हुए बताया कि चक रोड बनाने के लिए एक ही तरफ से मिट्टी खोदी गई क्योंकि दूसरे पक्ष ने अपने खेत में पानी भर दिया था।इसलिए हमारे खेत में गड्ढा काफी गहरा हो गया था। जिसे पाटने और खेत को समतल करने के लिए हम लोगों ने लोडर गाड़ी बुलवाई थी।
अभी उक्त मामले में संबंधित जांच करता अधिकारी का बयान नहीं मिल पाया है।

