सूचना अधिकार का जबाब नहीं दे रहे हैं अधिकारी-महेन्द्र

बस्ती :-(मार्तण्ड प्रभात) उ.प्र. कांग्रेस कमेटी सूचना का अधिकार विभाग के प्रदेश महासचिव महेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा है कि प्रदेश में सूचना अधिकार कानून प्रक्रिया की स्थिति दयनीय है। लोगों को जनपद एवं प्रदेश स्तर पर सूचनायंे प्राप्त नहीं हो पा रही है और आवेदकांें को लगातार दौड़ाया जा रहा है।
प्रेस को जारी विज्ञप्ति के माध्यम से कांग्रेस नेता महेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार में बड़े उद्देश्यों को लेकर सूचना अधिकार कानून को लागू किया गया था, उद्देश्य था कि इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और सूचना हासिल कर लोगों की समस्याओं का समाधान होगा।
कुछ वर्षों तक इस कानून का व्यापक प्रभाव रहा। भ्रष्ट नौकरशाहों में सूचना अधिकार कानून का भय था किन्तु जबसे देश और प्रदेश में भाजपा सरकार में आयी है सुनियोजित ढंग से सूचना अधिकार कानून को एक तरह से निष्प्रभावी बना दिया गया है।
बताया कि उन्होने स्वयं कुछ विभागों से व्यापक जनहित में सूचनायें मांगी थी किन्तु उनका जबाब नहीं दिया जा रहा है। कहा कि सूचना अधिकार को पुनः प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शिविर लगाकर लोगों को एक्ट के बारे में जानकारी दी जायेगी जिससे लोगों को इस कानून का लाभ मिल सके।

