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डा. वी.के. वर्मा को‘ राष्ट्रीय साहित्य गौरव’ सम्मान  कोविड 19 काव्य संग्रह पर विमर्श

बस्ती । प्रसिद्ध समाजसेवी, वरिष्ठ चिकित्सक, साहित्यकार डा. वी.के. वर्मा को उनकी कृति ‘ कोविड 19 काव्य संग्रह’ पर रस कलश साहित्यिक संस्थान गोण्डा द्वारा ‘ राष्ट्रीय साहित्य गौरव ’ सम्मान से सम्मानित किया गया। संस्था के अध्यक्ष वरिष्ठ कवि डा. सतीश आर्य ने कलेक्टेªट परिसर में आयोजित एक गोष्ठी में डा. वी.के. वर्मा को सम्मान पत्र भेंट किया।

गोष्ठी में वरिष्ठ कवि डा. सतीश आर्य ने कहा कि कोरोना की विकट त्रासदी को एक चिकित्सक के रूप में निकट से देखना और उसे कविता में लिपिबद्ध करते जाना साहस का काम है। आने वाले पीढिया जब कोरोना को लेकर पूंछेगी तो डा. वर्मा की पुस्तक दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत की जायेगी।

वरिष्ठ साहित्यकार डा. रामकृष्ण लाल ‘जगमग’ ने कहा कि कोरोना की त्रासदी का दंश युगों तक रहेगा। डा. वी.के. वर्मा ने सजग साहित्यकार की भूमिका निभायी और साहित्य के साथ ही चिकित्सा के दोनों मोर्चो पर खरे उतरे। ऐसे व्यक्त्वि का समादार होना ही चाहिये। वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम प्रकाश शर्मा ने कहा कि कोरोना संकट को लेकर कई साहित्यकारों की कृतियां आयी किन्तु डा. वर्मा ने जिस प्रकार से अपने कृति में साहस का संचार किया ऐसा कम रचनाकर कर सके हैं।

पं. चन्द्र बली मिश्र, नरेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि डर के समय डा. वी.के. वर्मा की रचनाओं ने ताकत दिया। एक तरह से कोविड 19 काव्य संग्रह में उन्होने रोजनामचा विधा का प्रयोग कर वह अनुकरणीय है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से दीपक सिंह प्रेमी, नरेन्द्र प्रताप सिंह, दीनानाथ, अजीत श्रीवास्तव, मनोज गुप्ता, प्रदीप चन्द्र श्रीवास्तव, राघवेन्द्र शुक्ल, विनय मौर्य आदि ने अपने विचार रखे।

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