बस्ती के लोगों के लिए कुछ करने की इच्छा, इसी उद्देश्य से राजनीति में हूं : सुषमा चौधरी

बस्ती के लोगों के लिए कुछ करने की इच्छा, इसी उद्देश्य से राजनीति में हूं : सुषमा चौधरी 

बस्ती (मार्तण्ड प्रभात)। जनपद बस्ती में जनसेवा और राजनीति को लेकर सुषमा चौधरी ने अपनी मंशा जाहिर करते हुए कहा कि उनकी राजनीति में आने के पीछे मुख्य उद्देश्य बस्ती के लोगों के लिए कुछ अच्छा और सार्थक काम करना है।

जनता से जुड़ाव महत्वपूर्ण है – सुषमा चौधरी

उन्होंने कहा कि वह राजनीति को केवल पद या पहचान बनाने का माध्यम नहीं मानतीं, बल्कि इसके जरिए आम जनता से जुड़कर उनकी जरूरतों और समस्याओं के लिए काम करना चाहती हैं।

जाने माने राजनैतिक परिवार से आने वाली सुषमा चौधरी एक कुशल गृहिणी के साथ एक सफल सामाजिक कार्यकर्ता भी है समाज और क्षेत्रवासियों के सहयोग में हमेशा अगली पंक्ति में दिखाई पड़ती है। लगातार क्षेत्र में सक्रिय सुषमा चौधरी क्षेत्र की समस्याओं को न सिर्फ जमीनी स्तर पर जानती है बल्कि उसके निस्तारण के लिए लगातार आवाज भी उठाती रहती है।

जनपद की कुछ अपनी मूलभूत आवश्यकताएं है – सुषमा चौधरी

कुछ महत्वपूर्ण अश्वयकताओं में उन्होंने बताया कि महिलाओं की शिक्षा के लिए अभी भी बस्ती में पर्याप्त शैक्षणिक संस्थान नहीं है इसलिए महिला महाविद्यालय और गर्ल्स इंटर कॉलेज होना चाहिए।

वही दूसरी सबसे बड़ी समस्या उन्होंने शहर में लगने वाले जाम को लेकर चिंता जाहिर की उन्होंने बताया कि बस्ती शहर में जाम और जलजमाव बड़ा मुद्दा है।आए दिन लोगों को जाम की समस्याओं से जूझना पड़ता है।जिससे न सिर्फ व्यापार प्रभावित होता है बल्कि समय की बर्बादी होती है वहीं दूसरी तरफ जलनिकासी की प्रयाप्त व्यवस्था न होने से हल्की सी बारिश के बाद लोगो को जलजमाव से जूझना पड़ता है।

लोगो के साथ जुड़ कर उनके साथ चल कर काम करने की जरूरत है – सुषमा चौधरी

सुषमा चौधरी के अनुसार, बस्ती के विकास और यहां के लोगों की बेहतरी के लिए अभी बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है। उनकी इच्छा है कि आम लोगों की समस्याओं को समझा जाए और उनके समाधान की दिशा में प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि जनता के बीच रहकर उनकी बात सुनना और जरूरत के समय उनके साथ खड़ा होना ही राजनीति का वास्तविक उद्देश्य होना चाहिए।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बस्ती के लोगों के लिए काम करने की इच्छा ही उन्हें राजनीति की ओर लेकर आई है। उनका मानना है कि जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की जिम्मेदारी केवल चुनाव के समय जनता के बीच पहुंचने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि लगातार जनता से संवाद बनाए रखना जरूरी है।

सुषमा चौधरी के इस बयान के बाद बस्ती में उनके राजनीतिक विचारों और जनसेवा से जुड़े प्रयासों को लेकर चर्चा की संभावना है।