
बस्ती।अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एमपी एमएलए कोर्ट अर्पिता यादव ने 2003 में हुए एमएलसी के चुनाव की मतगणना में व्यवधान उत्पन्न करने के मामले में एमएलसी प्रत्याशी कंचना सिंह व पूर्व विधायक संजय जायसवाल सहित सात लोगों को दोषी मानते हुए 3 वर्ष की सजा सुनाई है।
प्रत्येक को 4500 अर्थदंड से भी दंडित किया है अर्थदंड ना देने पर 2 माह 10 दिन की अतिरिक्त सजा का भुगतनी पड़ेगी ।
न्यायालय में शासकीय अधिवक्ता देवानंद सिंह वा रश्मि त्रिपाठी ने घटनाक्रम की जानकारी प्रस्तुत की ।उन्होंने कहा कि एमएलसी का चुनाव वर्ष 2003 में होने के बाद 3 दिसंबर 2003 को शहर के तहसील भवन में मतगणना हो रही थी ।
करीब 3:45 बजे प्रत्याशी कंचना सिंह व उनके पति आदित्य विक्रम सिंह निवासी अठदमा थाना रुधौली , संजय जायसवाल पूर्व विधायक निवासी पांडे बाजार बस्ती थाना पुरानी बस्ती, मोहम्मद इरफान निवासी डुमरियागंज, थाना डुमरियागंज ,जिला सिद्धार्थ नगर , अशोक सिंह निवासी ग्राम पडरी थाना रुधौली , बृजभूषण सिंह पूर्व प्रमुख निवासी ग्राम पिपरा संसारपुर , थाना वाल्टरगंज ,पूर्व ब्लॉक प्रमुख महेश सिंह, निवासी ग्राम डुहवा थाना गौर ,पूर्व ब्लॉक प्रमुख त्र्यंबकनाथ पाठक निवासी ग्राम तक्कीपुर थाना परसूरामपुर ,30/40 समर्थकों के साथ मतगणना स्थल पर पहुंचे मतगणना में व्यवधान किया ।
साथ ही 50 मतपत्र भी उठा ले गए ड्यूटी पर तैनात सी ओ ओम प्रकाश सिंह से भी कहासुनी की ए आर ओ की शिकायत पर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ । 10 गवाह प्रस्तुत किए गए गवाहों ने घटना का समर्थन किया दोनों पक्ष की सुनने के बाद मजिस्ट्रेट ने 7 आरोपितों को दोषी मानते हुए दंडित किया है । आरोपित बृजभूषण सिंह की मुकदमे के दौरान मौत हो गई है।







