महापुरुषों के आदर्शों पर चलकर ही मजबूत होगा समाज : राजेन्द्र प्रसाद चौधरी

बाबू शिवदयाल चौरसिया और कांशीराम की जयंती पर बोले रूधौली विधायक राजेंद्र चौधरी
महापुरुषों के आदर्शों पर चलकर ही मजबूत होगा समाज : राजेन्द्र प्रसाद चौधरी
बस्ती(मार्तण्ड प्रभात )। सामाजिक न्याय के पुरोधा एवं पूर्व राज्यसभा सांसद बाबू शिव दयाल सिंह चौरसिया की 123वीं जयंती तथा बहुजन एकता के नायक कांशीराम की 92वीं संयुक्त जयंती सोमवार को लक्ष्मणपुर चौराहा पर धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन चौरसिया उत्थान समिति, बस्ती द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन कुलदीप मौर्य (जीवन) ने किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रुधौली विधायक राजेन्द्र प्रसाद चौधरी ने कहा कि बाबू शिव दयाल सिंह चौरसिया और मान्यवर कांशीराम ने समाज के वंचित और कमजोर वर्गों को अधिकार दिलाने के लिए जीवन भर संघर्ष किया। उनके विचार आज भी समाज को एकजुट होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरुषों की जयंती मनाना केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि उनके आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प लेने का अवसर भी है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, एकता और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से समाज को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि रामकरन चौरसिया ने कहा कि समाज के उत्थान और अधिकारों की लड़ाई में बाबू शिव दयाल सिंह चौरसिया और मान्यवर कांशीराम का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि इन महान व्यक्तित्वों ने समाज को जागरूक और संगठित करने का जो कार्य किया, वह आज भी लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महापुरुषों के विचारों को केवल याद करने की नहीं, बल्कि उन्हें व्यवहार में उतारने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान दोनों महान नेताओं के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा उनके विचारों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता लक्ष्मण चौरसिया ने की। उन्होंने आगंतुकों का स्वागत करते हुए कहा कि महान व्यक्तित्वों की जयंती मनाने का उद्देश्य उनके आदर्शों को समाज में जीवित रखना है।
इस अवसर पर राजू प्रधान, अनिल चौरसिया, धर्मेंद्र चौरसिया, सिद्धनाथ चौरसिया, दिलीप चौरसिया, रामसुरेश चौरसिया, डॉ. हजारी लाल चौरसिया, प्रेम चंद्र चौरसिया, दुर्गेश चौरसिया, डॉ. आरपी सुमन, कमला प्रसाद चौरसिया, डॉ. रामजीत चौरसिया, राजकुमार चौरसिया, आशुतोष चौरसिया, श्रीपति चौरसिया, राधारमण चौरसिया, दीनानाथ चौरसिया, नमन चौरसिया, रविशंकर चौरसिया, कमलेश चौरसिया, जितेंद्र चौरसिया, सुखराम चौरसिया, शिवपूजन चौरसिया, बेचूराम चौरसिया, पतिराज चौरसिया, श्रवण चौरसिया, रामरुद्ध चौरसिया, रामविलास चौरसिया, मेहीलाल चौरसिया, राकेश चौरसिया, बुन्दर चौरसिया, पारन चौरसिया, गंगाराम चौरसिया, रामपाल चौरसिया, जगनारायण चौरसिया, शिवम चौरसिया, अजय चौरसिया, लालजी चौरसिया सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।







