कंपनी बाग में आस्था का 25वां रजत जयंती वर्ष, भव्य ज्योति यात्रा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

कंपनी बाग में आस्था का 25वां रजत जयंती वर्ष, भव्य ज्योति यात्रा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

आयोजक कमल सेन के नेतृत्व में 25 वर्षों की धार्मिक परंपरा का भव्य आयोजन, श्रद्धा और सनातन संस्कृति का दिखा अद्भुत संगम

बस्ती। शहर के कंपनी बाग में आस्था, भक्ति और सनातन संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। ज्योति यात्रा के 25वें रजत जयंती वर्ष के अवसर पर भव्य ज्योति यात्रा निकाली गई। आयोजक कमल सेन के नेतृत्व में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बना। यात्रा में महाकाल की भव्य झांकी सहित विभिन्न देवी-देवताओं और धार्मिक प्रसंगों पर आधारित आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं। इन झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया और पूरे आयोजन को विशेष आकर्षण प्रदान किया।

ज्योति यात्रा के दौरान धार्मिक आस्था और भक्ति का वातावरण देखने को मिला। विभिन्न स्वरूपों में सजाई गई झांकियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं को प्रदर्शित किया गया। महाकाल की भव्य झांकी लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। इसके साथ ही अन्य धार्मिक झांकियों ने भी श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। लोगों ने उत्साह के साथ झांकियों का अवलोकन किया और धार्मिक आयोजन के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।

25 वर्षों की परंपरा, आस्था का प्रतीक बनी ज्योति यात्रा

कंपनी बाग में ज्योति यात्रा का 25वां रजत जयंती वर्ष धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा ने क्षेत्र में आस्था और भक्ति की एक विशिष्ट पहचान बनाई है। रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित भव्य यात्रा ने इस परंपरा की निरंतरता और लोगों के धार्मिक जुड़ाव को प्रदर्शित किया। आयोजन के माध्यम से श्रद्धालुओं को अपनी धार्मिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिला।

ज्योति यात्रा में प्रस्तुत विभिन्न झांकियों ने धार्मिक कथाओं और देवी-देवताओं के स्वरूपों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया। महाकाल की झांकी के साथ अन्य झांकियों ने भी आयोजन की भव्यता बढ़ाई। इस तरह की धार्मिक यात्राएं न केवल आस्था को मजबूत करती हैं, बल्कि समाज में सांस्कृतिक मूल्यों और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

कमल सेन ने कहा—आस्था और परंपरा को आगे बढ़ाना हमारा उद्देश्य

ज्योति यात्रा के आयोजक कमल सेन ने कहा कि ज्योति यात्रा का 25वां रजत जयंती वर्ष सभी श्रद्धालुओं के लिए गौरव और आस्था का विशेष अवसर है। यह यात्रा धार्मिक विश्वास, सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से लोगों को धर्म और संस्कृति से जोड़ने तथा आने वाली पीढ़ियों तक अपनी परंपराओं को पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि महाकाल की भव्य झांकी और विभिन्न धार्मिक झांकियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का अवसर मिला। इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों के बीच आपसी प्रेम, सहयोग तथा सद्भाव को मजबूत बनाते हैं। कमल सेन ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

हिमांशु सेन ने कहा—धार्मिक आयोजन हमारी संस्कृति और संस्कारों की पहचान

हिमांशु सेन ने कहा कि ज्योति यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह आस्था, संस्कार और सामाजिक एकता का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण अवसर है। 25 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा का रजत जयंती वर्ष सभी के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि महाकाल की भव्य झांकी सहित विभिन्न धार्मिक झांकियां भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करती हैं।

उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों से नई पीढ़ी को अपने संस्कारों और परंपराओं के बारे में जानने का अवसर मिलता है। ऐसे कार्यक्रम लोगों को एक साथ लाने और समाज में धार्मिक चेतना के साथ आपसी सद्भाव को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने ज्योति यात्रा से जुड़े सभी लोगों के उत्साह और सहयोग की सराहना की।

भक्ति, संस्कृति और सामाजिक एकता का संदेश

कंपनी बाग में आयोजित भव्य ज्योति यात्रा ने 25 वर्षों की धार्मिक परंपरा को एक बार फिर विशेष पहचान दिलाई। महाकाल की आकर्षक झांकी और विभिन्न धार्मिक झांकियों ने आयोजन को यादगार बनाया। श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक विरासत के इस संगम ने लोगों को अपनी परंपराओं से जुड़ने का संदेश दिया। रजत जयंती वर्ष की यह ज्योति यात्रा धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और सनातन परंपराओं के संरक्षण का प्रतीक बनी।